Thursday, March 27, 2008

Pados Ki Ladki Ki Chudai

यह एक सच्ची कहानी है मेरे एक दोस्त की जीसने अपने ही पड़ोस की लडकी की छूट की चुदाई कर दी.
मेरे दोस्त का दीलली मी रहता है. उसके सामने वाले घर मी एक सुन्दर सी लडकी रहती थी वो उसको रोज देखता. वो उस समय 12th क्लास मी पड़ती थी मेरा दोस्त रोज सम को ड्यूटी से आने के बाद उसे देखता. वो भी
उसे देखती थी. मेरे दोस्त का पड़ोसी होने के नाते कई बार उनके घर जाना आना होता रहता था. एक बार वो उसके घर गया जब उसने सकूल की छुट्टी कर रखी थी. और उस समय दोपर के लगभग एक बजह थे.



घर मी उसके सीवाये कोई नही था मेरे दोस्त ने मोके का फायेदा उठाया और उसके सात प्यार की बाते करने लगा जल्द ही उसने उसे पटा लीया और उसकी चुम्मी लेने लगा. फीर उसने उसके चूचे भी दबाये. वो ये सब जल्दी जल्दी कर रहा था की कोई आ ना जाये. उसने उसके चूचे दबाने के बाद उसकी सलवार खोलने के लीये हाथ उसके नाड़े की और बढाया और उसे खीच दीया. लडकी भी जोश मी थी और कुछ नही बोली फीर उसने उसकी चड्डी धीरे से उतारी और अपने लंड को उसके हात से सहलाया और फीर उसकी छूत् की चुदाई करने लग गया. दोनो चुदाई मे बडे मस्त थे लडकी पूरी तरह नंगी नही थी और लड़का भी ताकी जल्दी से कपडे पहन सके.




थोडी देर बाद उसकी छोटी बहन अपने सकूल से वापस आयी मगर दोनो ने उसके आने की आवाज नही सूनी. वो जब कमरे मे आयी तो उसकी दीदी आह आह कर रही थी, लड़का उसको च्होद राह था दोनो को उस अजीबो गरीब पोज मी देख वो डर गयी और बाहर मअमी को बुलाने भागी. उसने मम्मी से कहा की मम्मी मम्मी दीदी और वो सामने वाला दोनो कमरे मी गंदे गंदे काम कर रहे है.



मम्मी तो भागती हुई घर आये तो पाय की उसकी बेटी रो रही थी. उसने पूछा पर उनसे कुछ नही कहा और जोर जोर से रोने लगी. उसकी माँ ने उस लड़के के घर जाकर उसकी माँ को साड़ी बात बताई. मेरे दोस्त की पूरे घर मी और मोहल्मे मी बदनामी हो गयी साथ मी उस लडकी की भी. मेरे दोस्त ने एक महीना केसे घर मी गुजरा वो तो वही जनता है. वो कहता था की यार २-३ हफ्ते तो मेने कीसी से नजर भी नही मीलाई. केसे मीलाता यार. तो ये थी मेरे दोस्त और पडोसन की छूत् की चुदाई की कहानी.

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